असंतुलन Get link Facebook X Pinterest Email Other Apps July 30, 2021 बे-उम्मीदी के साथ एक निर्धारित पैटर्न पर चलते-चलते कभी-कभी इतनी ऊब होने लगती है की जी चाहता है ज़िंदगी में सब कुछ अस्त-व्यस्त हो जाये।शायद अस्त-व्यस्त हो कर ही संन्यस्त हो जायें। Read more